अक्षय नवमी

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अक्षय नवमी / Akshya Navami

विषय सूची

राधा-दामोदर स्वरूप

मथुरा-वृन्दावन एवं कार्तिक मास साक्षात राधा-दामोदर स्वरूप है। इसी मास में श्री कृष्ण ने पूतना-वध के बाद मैदान में क्रीड़ा करने के लिए नंद बाबा से गो-चारण की आज्ञा ली।

युद्ध आह्वान दिवस

श्री कृष्ण ने ग्वाल बाल और ब्रजवासियों को एक सूत्र में पिरोने के लिए अक्षय नवमी तिथि को तीन वन की परिक्रमा कर क्रांति का अलख जगाया। मंगल की प्रतिनिधि तिथि नवमी को किया। क्रांति का शंखनाद ही अगले दिन दशमी को कंस के वध का आधार बना।

आंवला पूजन

नवमी को आंवला पूजन स्त्री जाति के लिए अखंड सौभाग्य और पेठा पूजन से घर में शांति, आयु एवं संतान वृद्धि होती है। पुराणाचार्य कहते हैं कि आंवला त्योहारों पर खाये गरिष्ठ भोजन को पचाने और पति-पत्नी के मधुर सबंध बनाने वाली औषधि है।

पुनर्जन्म से मुक्ति का साधन


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