अन्धक

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अन्धक / Andhak

विषय सूची

हरिवंश पुराण से

अनुश्रुति के अनुसार

टीका टिप्पणी

  1. सुदंष्ट्र च सुचारूंच कृष्णमित्यन्धकास्त्रय:। (हरिवंश) सुदंष्ट्र, सुचारू और कृष्ण ये तीन अन्धक गण के सदस्य कहे गये हैं।
  2. हरिवंश पुराण, विष्णुपर्व, 86-87
  3. 'मतंगवाप्यां य: स्नानादेकरात्रेण सिद्धयति, विगाहति ह्यनालंबमंधकं वै सनातनम्'।
  4. महाभारत शांति पर्व 81, 29
  5. 'यादवा: कुकुरा भोजा: सर्वे चांधकवृष्णय:, त्वय्यासक्ता: महाबाहो लोका लोकेश्वराश्च ये।'
  6. 'भेदाद् विनाश: संघानां संघ मुख्योसिकेशव (महाभारत शांति0 81,25)
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