अरुन्धती

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अरुन्धती / Arundhati

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. दीपनिर्वाणगन्धच्च सुहद्वाक्यमरुन्धतीम्। न जिघ्रन्ति न श्रृण्वन्ति न पश्यन्ति गतायुष:॥

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