कश्यप

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*प्राचीन वैदिक ॠषियों में प्रमुख ॠषि, जिनका उल्लेख एक बार [[ॠग्वेद]] में हुआ है। अन्य संहिताओं में भी यह नाम बहुप्रयुक्त है। इन्हें सर्वदा धार्मिक एंव रह्स्यात्मक चरित्र वाला बतलाया गया है एंव अति प्राचीन कहा गया है।  
 
*प्राचीन वैदिक ॠषियों में प्रमुख ॠषि, जिनका उल्लेख एक बार [[ॠग्वेद]] में हुआ है। अन्य संहिताओं में भी यह नाम बहुप्रयुक्त है। इन्हें सर्वदा धार्मिक एंव रह्स्यात्मक चरित्र वाला बतलाया गया है एंव अति प्राचीन कहा गया है।  
 
*[[ऐतरेय ब्राह्मण]] के अनुसार उन्होंने 'विश्वकर्मभौवन' नामक राजा का अभिषेक कराया था। ऐतरेय ब्राह्मणों ने कश्यपों का सम्बन्ध [[जनमेजय]] से बताया गया है।  
 
*[[ऐतरेय ब्राह्मण]] के अनुसार उन्होंने 'विश्वकर्मभौवन' नामक राजा का अभिषेक कराया था। ऐतरेय ब्राह्मणों ने कश्यपों का सम्बन्ध [[जनमेजय]] से बताया गया है।  
*[[शतपथ ब्राह्मण]] में [[प्रजापति]] को कश्यप कहा गया हैः "स यत्कुर्मो नाम। प्रजापतिः प्रजा असृजत। यदसृजत् अकरोत् तद् यदकरोत् तस्मात् कूर्मः कश्यपो वै कूर्म्स्तस्मादाहुः सर्वाः प्रजाः काश्यपः।"  
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*[[शतपथ ब्राह्मण]] में [[प्रजापति]] को कश्यप कहा गया हैः<br />
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"स यत्कुर्मो नाम। प्रजापतिः प्रजा असृजत। <br />
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यदसृजत् अकरोत् तद् यदकरोत् तस्मात् कूर्मः कश्यपो वै कूर्म्स्तस्मादाहुः सर्वाः प्रजाः कश्यपः।"<br />
 
*[[महाभारत]] एवं [[पुराण|पुराणों]] में असुरों की उत्पत्ति एवं वंशावली के वर्णन में कहा गया है की [[ब्रह्मा]] के छः मानस पुत्रों में से एक '[[मरीचि]]' थे जिन्होंने अपनी इच्छा से कश्यप नामक प्रजापति पुत्र उत्पन्न किया।  
 
*[[महाभारत]] एवं [[पुराण|पुराणों]] में असुरों की उत्पत्ति एवं वंशावली के वर्णन में कहा गया है की [[ब्रह्मा]] के छः मानस पुत्रों में से एक '[[मरीचि]]' थे जिन्होंने अपनी इच्छा से कश्यप नामक प्रजापति पुत्र उत्पन्न किया।  
 
*कश्यप ने दक्ष प्रजापति की 17 पुत्रियों से विवाह किया। दक्ष की इन पुत्रियों से जो सन्तान उत्पन्न हुई उसका विवरण निम्नांकित है -
 
*कश्यप ने दक्ष प्रजापति की 17 पुत्रियों से विवाह किया। दक्ष की इन पुत्रियों से जो सन्तान उत्पन्न हुई उसका विवरण निम्नांकित है -

16:26, 13 दिसम्बर 2009 का संस्करण


कश्यप / Kashup

"स यत्कुर्मो नाम। प्रजापतिः प्रजा असृजत।
यदसृजत् अकरोत् तद् यदकरोत् तस्मात् कूर्मः कश्यपो वै कूर्म्स्तस्मादाहुः सर्वाः प्रजाः कश्यपः।"

  1. अदिति से आदित्य (देवता)
  2. दिति से दैत्य
  3. दनु से दानव
  4. काष्ठा से अश्व आदि
  5. अनिष्ठा से गन्धर्व
  6. सुरसा से राक्षस
  7. इला से वृक्ष
  8. मुनि से अप्सरागण
  9. क्रोधवशा से सर्प
  10. सुरभि से गौ और महिष
  11. सरमा से श्वापद (हिंस्त्र पशु)
  12. ताम्रा से श्येन-गृध्र आदि
  13. तिमि से यादोगण (जलजन्तु)
  14. विनता से गरुड़ और तरुण
  15. कद्रू से नाग
  16. पतंगी से पतंग
  17. यामिनी से शलभ
  1. दिति
  2. अदिति
  3. दनु
  4. विनता
  5. खसा
  6. कद्रु
  7. मुनि
  8. क्रोधा
  9. रिष्टा
  10. इरा
  11. ताम्रा
  12. इला
  13. प्रधा।


टीका-टिप्पणी

  1. बाल्मीकि रामायण, बाल कांड, सर्ग 76, श्लोक 11-16
  2. महाभारत, आदिपर्व, अध्याय 16, 20 । अ0 23 श्लोक 1 से 3 तक भा0 2।11।12।–
  3. महाभारत, आदिपर्व, अध्याय 28, अ0 29 श्लोक 1 से 14 तक, अ0 30, श्लोक 32 से 52 तक अध्याय 32, 33, 34
  4. ब्रह्म पुराण, 100 ।-



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