गीता 1:7

ब्रज डिस्कवरी, एक मुक्त ज्ञानकोष से
(संस्करणों में अंतर)
यहां जाएं: भ्रमण, खोज
छो (Text replace - '<td> {{महाभारत}} </td> </tr> <tr> <td> {{गीता2}} </td>' to '<td> {{गीता2}} </td> </tr> <tr> <td> {{महाभारत}} </td>')
 
(बीचवाले 11 अवतरण दर्शाये नहीं हैं ।)
पंक्ति 1: पंक्ति 1:
{{menu}}<br />
+
{{menu}}
 
<table class="gita" width="100%" align="left">
 
<table class="gita" width="100%" align="left">
 
<tr>
 
<tr>
 
<td>
 
<td>
 
==गीता अध्याय-1 श्लोक-7 / Gita Chapter-1 Verse-7==  
 
==गीता अध्याय-1 श्लोक-7 / Gita Chapter-1 Verse-7==  
{| width="80%" align="center" style="text-align:center; font-size:130%;padding:5px;background:none;"
+
{| width="80%" align="center" style="text-align:justify; font-size:130%;padding:5px;background:none;"
 
|-
 
|-
 
| valign="top" |
 
| valign="top" |
 
'''प्रसंग-'''
 
'''प्रसंग-'''
 
----
 
----
अब दो श्लोकों में [[दुर्योधन]] अपने पक्ष के प्रधान वीरों के नाम बतलाते हुए अन्यान्य वीरों के सहित उनकी प्रशंसा करते हैं-
+
अब दो श्लोकों में <balloon link="index.php?title=दुर्योधन" title="धृतराष्ट्र-गांधारी के सौ पुत्रों में सबसे बड़ा पुत्र दुर्योधन था। दुर्योधन गदा युद्ध में पारंगत था और श्री कृष्ण के बड़े भाई बलराम का शिष्य था ।
 
+
¤¤¤ आगे पढ़ने के लिए लिंक पर ही क्लिक करें ¤¤¤">
'''अस्माकं तु विशिष्टा ये तात्रिबोध द्विजोत्तम।'''<br />
+
दुर्योधन</balloon> अपने पक्ष के प्रधान वीरों के नाम बतलाते हुए अन्यान्य वीरों के सहित उनकी प्रशंसा करते हैं-
'''नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थ तान् ब्रवीमि ते।।7।।'''
+
----
 +
<div align="center">
 +
'''अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम।'''<br />
 +
'''नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थ तान्ब्रवीमि ते।।7।।'''
 +
</div>
 
----
 
----
 
|-
 
|-
पंक्ति 21: पंक्ति 25:
 
| style="width:50%; font-size:120%;padding:10px;" valign="top"|
 
| style="width:50%; font-size:120%;padding:10px;" valign="top"|
  
हे ब्राह्राणश्रेष्ठ ! अपने पक्ष में भी जो प्रधान हैं, उनको आप समझ लीजिये । आपकी जानकारी के लिये मेरी सेना के जो-जो सेनापति हैं, उनको बतलाता हूँ ।।7।।  
+
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ ! अपने पक्ष में भी जो प्रधान हैं, उनको आप समझ लीजिये । आपकी जानकारी के लिये मेरी सेना के जो-जो सेनापति हैं, उनको बतलाता हूँ ।।7।।  
  
 
| style="width:50%; font-size:120%;padding:10px;" valign="top"|
 
| style="width:50%; font-size:120%;padding:10px;" valign="top"|
पंक्ति 29: पंक्ति 33:
 
|}
 
|}
 
<br />
 
<br />
----
 
 
{| style="background:none;" width="100%"
 
{| style="background:none;" width="100%"
 
|-
 
|-
पंक्ति 38: पंक्ति 41:
 
</td>
 
</td>
 
</tr>
 
</tr>
</table>
+
<tr>
 +
<td>
 +
<br />
 +
<div align="center" style="font-size:120%;">'''[[गीता 1:4-5-6|<= पीछे Prev]] | [[गीता 1:8|आगे Next =>]]'''</div> 
 +
</td>
 +
</tr>
 +
<tr>
 +
<td>
 +
<br />
 
{{गीता अध्याय 1}}
 
{{गीता अध्याय 1}}
 +
</td>
 +
</tr>
 +
<tr>
 +
<td>
 
{{गीता अध्याय}}
 
{{गीता अध्याय}}
 +
</td>
 +
</tr>
 +
<tr>
 +
<td>
 +
{{गीता2}}
 +
</td>
 +
</tr>
 +
<tr>
 +
<td>
 +
{{महाभारत}}
 +
</td>
 +
</tr>
 +
</table>
 +
[[Category:गीता]]
 +
__INDEX__

12:33, 21 मार्च 2010 के समय का संस्करण

गीता अध्याय-1 श्लोक-7 / Gita Chapter-1 Verse-7

प्रसंग-


अब दो श्लोकों में दुर्योधन अपने पक्ष के प्रधान वीरों के नाम बतलाते हुए अन्यान्य वीरों के सहित उनकी प्रशंसा करते हैं-


अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम।
नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थ तान्ब्रवीमि ते।।7।।



हे ब्राह्मणश्रेष्ठ ! अपने पक्ष में भी जो प्रधान हैं, उनको आप समझ लीजिये । आपकी जानकारी के लिये मेरी सेना के जो-जो सेनापति हैं, उनको बतलाता हूँ ।।7।।

O best of brahmanas, know them also who are the principal warriors on our side-the generals of my army. For your information, I mention them below:- (7)


द्विजोत्तम् = हे ब्राह्मणश्रेष्ठ; अस्माकम् = हमारे पक्ष में; तु =भी; ये = जो जो; विशिष्टा: = प्रधान हैं; तान् = उनको (आप); निबोध = समझ लीजिये; ते = आपके; संज्ञार्थम् = जानने के लिये; मम = मेरी; सैन्यस्य = सेना के; (ये) = जो जो; नायका: = सेपापति हैं; तान् = उनको; ब्रवीमि = कहता हूं;



अध्याय एक श्लोक संख्या
Verses- Chapter-1

1 | 2 | 3 | 4, 5, 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17, 18 | 19 | 20, 21 | 22 | 23 | 24, 25 | 26 | 27 | 28, 29 | 30 | 31 | 32 | 33, 34 | 35 | 36 | 37 | 38, 39 | 40 | 41 | 42 | 43 | 44 | 45 | 46 | 47

निजी टूल
नामस्थान
संस्करण
क्रियाएं
सुस्वागतम्
टूलबॉक्स