गोकुल सिंह

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गोकुलराम / गोकुला जाट / Gokula Jat

गोकुल सिंह
Gokula Singh

वीरवर गोकुल सिंह (लोग उसे गोकला नाम से जानते हैं) के जीवन के बारे में बस यही पता चलता है कि सन 1660-70 के दशक में वह तिलपत नामक इलाके का प्रभावशाली ज़मींदार था। तिलपत के ज़मींदार ने मुग़ल सत्ता को इस समय चुनौती दी। गोकुलराम में संगठन की बहुत क्षमता थी और वह बहुत साहसी और दृढ़प्रतिज्ञ था।

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. ('उपेन्द्रनाथ शर्मा', 'ए न्यू हिस्ट्री ऑफ़ द जाट्स,' खंड एक, पृ.397)
  2. 'वे जवाहर ख़ाँ नाज़िर को सौंप दिए गए; लड़की की शादी गुलामशाह कुली से कर दी गई और लड़के को क़ुरान पढ़ाया गया। उसका क़ुरान-पाठ सम्राट को बहुत अच्छा लगता था।'- (के.आर.क़ानूनगो, 'हिस्ट्री ऑफ़ द जाट्स,' पृ.39)

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