बोधिधर्म बौद्धाचार्य

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आचार्य बोधिधर्म / Acharya Bodhidharm

बू-ति-भन्ते, मैंने अनेक विहार आदि का निर्माण कराया है तथा अनेक बौद्ध धर्म के संस्कृत ग्रन्थों का अनुवाद कराया है तथा अनेक व्यक्तियों को बौद्ध भिक्षु बनने की अनुमति प्रदान की है। क्या इन कार्यों से मुझे पुण्य-लाभ हुआ है?

बोधिधर्म- बिलकुल नहीं।

बू-ति- वास्तविक पुण्य क्या है?

बोधिधर्म- विशुद्ध प्रज्ञा, जो शून्य, सूक्ष्म, पूर्ण एवं शान्त है। किन्तु इस पुण्य की प्राप्ति संसार में संभव नहीं है।

बू-ति- सबसे पवित्र धर्म सिद्धान्त कौन है?

बोधिधर्म- जहाँ सब शून्यता है, वहाँ पवित्र कुछ भी नहीं कहा जा सकता।

बू-ति- तब मेरे सामने खड़ा कौन बात कर रहा है?

बोधिधर्म- मैं नहीं जानता।

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