यम व्रत

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*यदि राजा यम की पूजा दशमी को हो तो [[रोग|रोगों]] का निवारण हो जाता है।<ref>हेमाद्रि व्रत खण्ड 1, 182, [[भविष्यपुराण]] से उद्धरण</ref>
 
*यदि राजा यम की पूजा दशमी को हो तो [[रोग|रोगों]] का निवारण हो जाता है।<ref>हेमाद्रि व्रत खण्ड 1, 182, [[भविष्यपुराण]] से उद्धरण</ref>
 
*जब [[चतुर्थी]] [[रविवार]] को पड़ती है और वह भरणी नक्षत्र से युक्त होती है तो यम के अनुग्रह की प्राप्ति के लिए [[भैंस]] एवं सोने का दान करना चाहिए।<ref>अहल्याकामधेनु (357, कूर्मपुराण से उद्धरण)</ref>
 
*जब [[चतुर्थी]] [[रविवार]] को पड़ती है और वह भरणी नक्षत्र से युक्त होती है तो यम के अनुग्रह की प्राप्ति के लिए [[भैंस]] एवं सोने का दान करना चाहिए।<ref>अहल्याकामधेनु (357, कूर्मपुराण से उद्धरण)</ref>
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13:26, 20 फ़रवरी 2014 के समय का संस्करण

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. कृत्यकल्पतरु (व्रतखण्ड 389); हेमाद्रि (व्रत खण्ड 2, 377, महाभारत से उद्धरण)
  2. हेमाद्रि व्रत खण्ड 2, 151, कूर्म पुराण से उद्धरण
  3. हेमाद्रि व्रत खण्ड 2, 151
  4. हेमाद्रि व्रत खण्ड 1, 182, भविष्यपुराण से उद्धरण
  5. अहल्याकामधेनु (357, कूर्मपुराण से उद्धरण)

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