राबाटक लेख

Nayati
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राबाटक लेख
Rabatak inscription

राबाटक लेख / Rabatak inscription

राबाटक शिलालेख अफ़ग़ानिस्तान के राबाटक स्थान के उत्खनन में 1993 में मिला था। यह यूनानी लिपि और बॅक्ट्रियन भाषा में है।


यह इस प्रकार है।

"The year one of Kanishka, the great deliverer, the righteous, the just, the autocrat, the god, worthy of worship, who has obtained the kingship from Nana and from all the gods, who has laid down (i.e. established) the year one as the gods pleased."
कनिष्क का प्रथम वर्ष: कनिष्क, एक महान उद्धारक, सदाचारी, न्यायप्रिय अधिनायक, देवोपासक, जिसने कि नाना तथा समस्त देवी देवताओं के वरदान से राजपद प्राप्त किया तथा उनके आशानुकूल ही प्रथम वर्ष प्रारम्भ किया।

"And it was he who laid out (i.e. discontinued the use of) the Ionian speech and then placed the Arya (or Aryan) speech (i.e. replaced the use of Greek by the Aryan or Bactrian language)."
तथा उसी ने आयोनियन अर्थात ग्रीक भाषा के स्थान पर आर्यन अर्थात बैकट्रियन भाषा को प्रतिस्थापित किया।

"In the year one, it has been proclaimed unto India, unto the whole realm of the governing class including Koonadeano (Kaundinya< Kundina) and the city of Ozeno (Ozene, Ujjain) and the city of Zageda (Saketa) and the city of Kozambo (Kausambi) and the city of Palabotro (Pataliputra) and so long unto (i.e. as far as) the city of Ziri-tambo (Sri-Champa)."
पहले ही वर्ष में सम्पूर्ण भारत में, कुन्दिना, उज्जैन, साकेत, कौशाम्बी, पाटिलीपुत्र तथा श्री चम्पा नामक नगरों सहित समस्त शाषकों के राज्यों में यह घोषणा कर दी गई।

"Whichever rulers and the great householders there might have been, they submitted to the will of the king and all India submitted to the will of the king."
उस काल में जो भी शासक या महान गृहस्वामी रहे हों, उन्होंने महाराजाधिराज की इच्छा को स्वीकार किया तथा सम्पूर्ण भारत ने राजा की आज्ञा के समक्ष समर्पण किया।

"The king Kanishka commanded Shapara (Shaphar), the master of the city, to make the Nana Sanctuary, which is called (i.e. known for having the availability of) external water (or water on the exterior or surface of the ground), in the plain of Kaeypa, for these deities - of whom are Ziri (Sri) Pharo (Farrah) and Omma."
महाराजा कनिष्क ने नगराधीश Shapara (Shaphar) को आदेश दिया कि वह Ziri (Sri), Pharo (Farrah) तथा Omma (उमा) देवी देवताओं के लिए Kaeypa के मैदान में Nana शरण क्षेत्र (पुण्यस्थल) नामक पुष्कर (जलाशय) का निर्माण करे।

"To lead are the Lady Nana and the Lady Omma, Ahura Mazda, Mazdooana, Srosharda, who is called ... and Komaro (Kumara)and called Maaseno (Mahasena) and called Bizago (Visakha), Narasao and Miro (Mihara)."
जो सर्वप्रथम हैं, वे Lady Nana तथा Lady Omma, Ahura Mazda (अहुरमज़्द), Mazdooana, Srosharda कहे जाते हैं,... तथा Komaro (Kumara), Maaseno (Mahasena) कहे जाते हैं, Bizago (Visakha), Narasao व Miro (Mihara) कहे जाते हैं।

"And he gave same (or likewise) order to make images of these deities who have been written above."
तथा उसने उपरोक्त देवी देवताओं की प्रतिमाएँ बनाने का भी आदेश दिया।

"And he ordered to make images and likenesses of these kings: for king Kujula Kadphises, for the great grandfather, and for this grandfather Saddashkana (Sadashkana), the Soma sacrifier, and for king V'ima Kadphises, for the father, and for himself (?), king Kanishka."
उसने इन राजाओं की पृतिकृतियां निर्मित करने का भी आदेश दिया: प्रपितामह कुजुल कडफ़ाइसिस, सोम-याजक पितामह विम तक्षम (Sadashkana), अपने पिता विम कडफ़ाइसिस तथा स्वयं अपनी।

"Then, as the king of kings, the son of god, had commanded to do, Shaphara, the master of the city, made this sanctuary."
तत्पश्चात राजराजाधिराज, ईश्वर पुत्र ने Shaphara को इस शरण क्षेत्र (पुण्यस्थल) के निर्माण का आदेश दिया।

"Then, the master of the city, Shapara, and Nokonzoka led worship according to the royal command."
अनंतर नगराधीश Shapara तथा Nokonzoka ने राजज्ञानुसार इस पूजा का संचालन किया।

"These gods who are written here, then may ensure for the king of kings, Kanishka, the Kushana, for remaining for eternal time healthy., secure and victorious... and further ensure for the son of god also having authority over the whole of India from the year one to the year thousand and thousand."
उल्लिखित देवतागण, कुशाण राजराजाधिराज, कनिष्क हेतु अनंत काल तक स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विजय सुनिश्चित करें…तथा इस ईश्वर पुत्र के लिए सम्पूर्ण भारत पर प्रथम वर्ष से सहस्त्रों वर्ष तक प्रभुत्व भी सुनिश्चित करें।

"Until the sanctuary was founded in the year one, to (i.e. till) then the Great Arya year had been the fashion."
प्रथम वर्ष में शरण क्षेत्र (पुण्यस्थल) की स्थापना होते ही महान आर्य वर्ष चलन में आ गया।

"...According to the royal command, Abimo, who is dear to the emperor, gave capital to Pophisho."
राजाज्ञानुसार, सम्राट के प्रिय Abimo को Pophisho का प्रधान नियुक्त किया गया।

"...The great king gave (i.e. offered worship) to the deities."
महान सम्राट ने देवताओं की आराधना की।

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