रामकथा साहित्य

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रामकथा-साहित्य

जैन रामकथा के दो रूप

जैन साहित्य में रामकथा की दो धाराएँ उपलब्ध हैं-

  1. एक विमलसूरि के प्राकृत पउमचरिय वर रविषेण के संस्कृत पद्मचरित की तथा
  2. दूसरी गुणभद्र के उत्तरपुराण की।

पउमचरिउं, पद्मपुराण, पद्मचरित आदि अनेक नामों से अपभ्रंश, प्राकृत, संस्कृत आदि भाषाओं में प्रस्तुत किया है।

  1. विद्याधर काण्ड,
  2. राक्षस तथा वानर वंश का वर्णन,
  3. राम और सीता का जन्म तथा विवाह,
  4. वनभ्रमण,
  5. सीता हरण और खोज,
  6. युद्ध और
  7. उत्तरचरित।

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