विनोद भास्कर स्वतंत्रता सेनानी

ब्रज डिस्कवरी, एक मुक्त ज्ञानकोष से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ

श्री विनोद भास्कर / Vinod Bhaskar

आत्मज श्री नन्दकिशोर।

रामदास मंड़ी, मथुरा

सविनय अवज्ञा अन्दोलन में भाग लेने के कारण सन 1930 में 6 मास और सन 1932 में 1 वर्ष कैद और 50 रुपये जुर्माने की सजा पायी।

व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन में भाग लेने के कारण सन 1941 में 1 वर्ष का कारावास और 50 रुपये जुर्माना हुआ।

"भारत छोड़ो" आन्दोलन में भाग लेने के कारण सन 1942 में 1000 रुपये जुर्माना या 6 मास कैद की सजा हुई।

आपने जुर्माना न देकर जेल की सजा को स्वीकर किया।