शुक्र

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शुक्र / Shukra

शान्ति के उपाय

शुक्र ग्रह की शान्ति के लिये गोपूजा करनी चाहिये तथा हीरा धारण करना चाहिये। चाँदी, सोना, चावल, घी, सफेद वस्त्र, सफेद चन्दन, हीरा, सफेद अश्व, दही, चीनी, गौ तथा भूमि ब्राह्मण को दान देना चाहिये। नवग्रह मण्डल में शुक्र का प्रतीक पूर्व में श्वेत पंचकोण है।

वैदिक मन्त्र

शुक्र की प्रतिकूल दशा में इनकी अनुकूलता और प्रसन्नताहेतु वैदिक मन्त्र- 'ॐ अन्नात्परिस्त्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत् क्षत्रं पय: सोमं प्रजापति:। ऋतेन सत्यमिन्द्रियं विपान शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोऽमृतं मधु॥',

पौराणिक मन्त्र

पौराणिक मन्त्र-

'हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्।
सर्वशास्त्रप्रवक्तारम् भार्गवं प्रणमाम्यहम्॥'

बीज मन्त्र

बीज मन्त्र -'ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:', तथा

सामान्य मन्त्र

सामान्य मन्त्र - 'ॐ शुं शुक्राय नम:' है। इनमें से किसी एक का नित्य एक निश्चित संख्या में जप करना चाहिये। कुल जप-संख्या 16000 तथा जप का समय सूर्योदय काल है। विशेष अवस्था में विद्वान ब्राह्मण का सहयोग लेना चाहिये।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत आदि0 76।8)
  2. महाभारत आदिपर्व (78।39)
  3. मत्स्य पुराण(94।5)

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