संजय

Nayati
ब्रज डिस्कवरी, एक मुक्त ज्ञानकोष से
यहां जाएं: भ्रमण, खोज

संजय / Sanjay

संजय की दिव्य दृष्टि

टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत, उद्योगपर्व, अध्याय 20-32,भीष्म पर्व, अध्याय 2,शल्यपर्व, 25।57, 28।37-41,सौप्तिक पर्व, 9।61-62
  2. यत्र योगेश्वरः कृष्णों यत्र पार्थो धनुर्धरः। तत्र श्रीर्विजयोभुतिर्ध्रुवानीति-र्मतिर्मम॥ (गीता
  3. यतः सत्यं यतो धर्मो यतो ह्रीरार्जवं यतः। ततोभवति गोविन्दो यतः कृष्ण्स्ततो जयः॥(महाभारत)


निजी टूल
नामस्थान
संस्करण
क्रियाएं
सुस्वागतम्
टूलबॉक्स
अन्य भाषाएं