रविशंकर पाठक स्वतंत्रता सेनानी

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श्री रविशंकर पाठक

श्री रविशंकर पाठक / Ravishankar Pathak

आत्मज श्री दयाशकर पाठक।

मथुरा

व्यक्तिगत सत्याग्रह आन्दोलन में भाग लेने के कारण सन 1941 में 1 वर्ष कैद और 200 रुपये जुर्माने की सजा मिली।

इसके पूर्व भी इन्होंने जेल यात्रायें की थीं।

अन्त में कठोर जेल जीवन के फ़लस्वरुप इन्हें टी0 बी0 हो गई और तरुणवस्था में ही इनकी मृत्यु हो गयी।

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