राहु

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राहु / Rahu

शान्ति के उपाय

राहु की शान्ति के लिये मृत्युंजय, जप तथा फिरोजा धारण करना श्रेयस्कर है। इसके लिये अभ्रक, लोहा, तिल, नील वस्त्र, ताम्रपात्र, सप्तधान्य, उड़द, गोमेद, तेल, कम्बल, घोड़ा तथा खड्ग का दान करना चाहिये।

वैदिक मन्त्र

इसके जप का वैदिक मन्त्र-'ॐ कया नश्चित्र आ भुवदूती सदावृध: सखा। कया शचिष्ठया वृता॥'

पौराणिक मन्त्र

पौराणिक मन्त्र- 'अर्धकायं महावीर्यं चन्द्रादित्यविमर्दनम्। सिंहिकागर्भसम्भूतं तं राहुं प्रणमाम्यहम्॥',

बीज मन्त्र

बीज मन्त्र- 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहवे नम:' तथा

सामान्य मन्त्र

सामान्य मन्त्र- 'ॐ रां राहवे नम:' है। इसमें से किसी एक का निश्चित संख्या में नित्य जप करना चाहिये। जप का समय रात्रि तथा कुल संख्या 18000 है।


टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. (श्रीमद्भागवत 6।6।36)
  2. (श्रीमद्भागवत 8।9।26)
  3. महाभारत भीष्मपर्व (12।40)
  4. मत्स्यपुराण(28।61)
  5. ऋग्वेद(5।40।5)
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