जैमिनि

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*ये ही प्रसिद्ध पूर्वमीमांसा दर्शन के रचयिता हैं।  
 
*ये ही प्रसिद्ध पूर्वमीमांसा दर्शन के रचयिता हैं।  
 
*इसके अतिरिक्त इन्होंने 'भारतसंहिता' की भी रचना की थी, जो 'जैमिनि भारत' के नाम से प्रसिद्ध है।  
 
*इसके अतिरिक्त इन्होंने 'भारतसंहिता' की भी रचना की थी, जो 'जैमिनि भारत' के नाम से प्रसिद्ध है।  
*आपने द्रोणपुत्रों से मार्कण्डेय पुराण सुना था।  
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*आपने [[द्रोणाचार्य|द्रोण]]पुत्रों से [[मार्कण्डेय पुराण]] सुना था।  
 
*इनके पुत्र का नाम सुमन्तु और पौत्र का नाम सत्वान था।  
 
*इनके पुत्र का नाम सुमन्तु और पौत्र का नाम सत्वान था।  
*इन तीनों ने वेद की एक-एक संहिता बनायी है।  
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*इन तीनों ने [[वेद]] की एक-एक संहिता बनायी है।  
 
*हिरण्यनाभ, पैष्पंजि और अवन्त्य नाम के इन के तीन शिष्यों ने उन संहिताओं का अध्ययन किया था।
 
*हिरण्यनाभ, पैष्पंजि और अवन्त्य नाम के इन के तीन शिष्यों ने उन संहिताओं का अध्ययन किया था।
  

11:40, 6 नवम्बर 2009 का संस्करण


आचार्य जैमिनी / Jaimini



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