सत्यभामा

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सत्यभामा / Satyabhama

पारिजात वृक्ष

नरकासुर के वध के पश्चात श्री कृष्ण स्वर्ग गए और वहाँ इन्द्र ने उन्हें पारिजात का पुष्प भेंट किया। वह पुष्प श्री कृष्ण ने देवी रुक्मिणी को दे दिया। देवी सत्यभामा को देवलोक से देवमाता अदिति से चिरयौवन का आशीर्वाद दिया था इस कारण वह अहंकार में थी। तभी नारद जी आये और सत्यभामा को पारिजात पुष्प के बारे मे बताया कि उस पुष्प के प्रभाव से देवी रुक्मिणी भी चिरयौवन हो गयी हैं। यह जान सत्यभामा क्रोधित हो गयी और श्री कृष्ण से पारिजात वृक्ष लेने की जिद्द पर आ गईं।

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