बृहस्पति

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बृहस्पति / Brihaspati

शान्ति के उपाय

इनकी शान्ति के लिये प्रत्येक अमावास्या को तथा बृहस्पति को व्रत करना चाहिये और पीला पुखराज धारण करना चाहिये। ब्राह्मण को दान में पीला वस्त्र, सोना, हल्दी, घृत, पीला अन्न, पुखराज, अश्व, पुस्तक, मधु, लवण, शर्करा, भूमि तथा छत्र देना चाहिये।

वैदिक मन्त्र

इनकी शान्ति के लिये वैदिक मन्त्र-

'ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु।
यद्दीदयच्छवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्॥',

पौराणिक मन्त्र

'देवानां च ऋषीणां च गुरुं कांचनसंनिभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्॥',

बीज मन्त्र

बीज मन्त्र-'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:।', तथा

सामान्य मन्त्र

सामान्य मन्त्र- 'ॐ बृं बृहस्पतये नम:' है। इनमें से किसी एक का श्रद्धानुसार नित्य निश्चित संख्या में जप करना चाहिये। जप का समय सन्ध्याकाल तथा जप संख्या 19000 है।



टीका टिप्पणी और संदर्भ

  1. महाभारत आदिपर्व
  2. (श्रीमद्भागवत 5।22।15)


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