अक्षमालिकोपनिषद

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अक्षमालिकोपनिषद / Akshmalikopnishad

अक्षमाला क्या है?

इस उपनिषद में आगे बताया गया है कि शुद्ध मन से स्नानादि करके मन को पंचामृत में धोकर, मन को स्पर्श करके मृत्यु को जीतने वाले सर्वरक्षक और सर्वव्यापी परमात्मा का ध्यान करना चाहिए। परमेश्वर का ध्यान करते हुए एक-एक मनके को छोड़कर अगले मनके पर बढ़ते जाना चाहिए। माला पूर्ण होने पर पृथ्वी के समस्त देवताओं को प्रणाम करना चाहिए।



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